मुख्य मंदिर के बाहर रायण वृक्ष के नीचे। हिंदी पाठ:
पांच सौ धनुष की देहडी, प्रभुजी परम दयाल; palitana 5 chaityavandan in hindi full
यह वंदन भगवान आदिनाथ के प्रथम गणधर पुंडरीक स्वामी के मंदिर में किया जाता है। प्रभुजी परम दयाल
५. श्री आदिनाथ भगवान चैत्यवंदन (Fifth Chaityavandan of Lord Adinath) palitana 5 chaityavandan in hindi full
पुंडरीक स्वामी थे। उन्होंने इसी पहाड़ी पर मोक्ष प्राप्त किया था। इस पहाड़ी के 108 नामों में से एक "पुंडरीकगिरि" उन्हीं के नाम पर रखा गया है।