Ziyarat E Nahiya In Hindi [2021] Jun 2026

ज़ियारत-ए-नाहिया की शुरुआत 10वीं शताब्दी में हुई थी, जब शिया मुसलमानों ने इमाम हुसैन के मकबरे पर जाकर तीर्थयात्रा करना शुरू किया था। यह यात्रा कर्बला, इराक में स्थित है और शिया मुसलमानों के लिए बहुत पवित्र मानी जाती है। ज़ियारत-ए-नाहिया के दौरान, श्रद्धालु इमाम हुसैन के मकबरे पर जाकर प्रार्थना करते हैं और उनके शहीदी की याद में शोक मनाते हैं।

इस ज़ियारत की सबसे ख़ास बात इसका भावुक पहलू है। इमाम-ए-ज़माना फ़रमाते हैं: ziyarat e nahiya in hindi

अंजुमनों और मातमदारों के लिए हिंदी लिपि में ज़ियारत को पढ़ना और याद करना आसान हो जाता है। ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत-ए-नाहिया की विषय-वस्तु अत्यंत भावनात्मक और दार्शनिक है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं: ziyarat e nahiya in hindi